Tuesday, December 15, 2020

सोमेश पँवार की यात्रा सफल हुयी.।

काफिला उसी के पीछे चलता है.।
 जो अकेले चलने का होसला रखता है.।


होंसले यूं ही बुलंद नहीं होते. ।
मजबूत इरादे उन्हे बुलंद बनाते है.।
लोगो के ना कहने से हम नहीं कर पाते.।
इसलिए बुलन्दियो को हर कोई छू नही पाते.। 

द्रीनाथ भारत के अंतिम गाँव माणा से 1 नवम्बर को ग्रीन हिमालय और क्लीन हिमालय ,नशा मुक्ति जागरूक अभियान के तहत सोमेश पँवार ने यह यात्रा युवा को जोड़ने के लिए 1 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक बद्रीनाथ से कन्याकुमारी तक की यात्रा का एलान किया, सोमेश पँवार ने देश मे बढ़ रहे नशा के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हुये कहा की हमारा भारत ग्रीन हिमालय और क्लीन हिमालय की तरफ बड़े और युवा नशा मुक्त हो ! और सुरक्षित भारत के संकल्प के साथ 1 नवम्बर से बद्रीनाथ (भारत के अंतिम गाँव माणा )से शुरू हुयी यात्रा और 15 दिसम्बर को तमिलनाडू कन्याकुमारी मे समापन हुयी, सोमेश पँवार ने बताया की यह यात्रा 45 दिन मे पूरी हुयी जिसमे उन्होने 4033 किलोमीटर की यात्रा साइकल की मदद से पूरी की यह यात्रा 9 राज्यो से होकर गुजरी और 4500 किलोमीटर का सफर तय किया ।


उनकी यह यात्रा बद्रीनाथ से शुरू हुयी और हर गाँव शहर को होते हुये हर दिन लगभग 120 -150 किलोमीटर की यात्रा करते हुये वो उत्तराखंड, दिल्ली हरियाणा,राजस्थान,मध्यप्रदेश,गुजरात,मुंबई,पुणे,कोल्हापुर,कर्नाटक,बेलगाम,हुबली, बेंगलोर,तामिलनाडु,रामेश्वरम होते हुये कन्याकुमारी तक पहुचे हर एक शहर के लोगों ने सोमेश पँवार का अच्छे से स्वागत किया, और उनकी यात्रा को आगे बड़ाने मे उनका होसला बुलंद किया उन सभी लोगों के आशीर्वाद से सोमेश पँवार ने अपनी यात्रा का अंतिम पड़ाव कन्याकुमारी का सफर पूरा किया ।


इंसान जब अपने मन मे एक संकल्प कर लेता है, फिर वो उसे कर के रहता है। एसा बद्रीनाथ बामनी के   सोमेश पँवार ने कर के दिखाया है। ये उन लाखों लोगों के मन मे एक नयी सोंच को जन्म देगा जो कुछ करना चाहते है पर कुछ अभाव के कारण नहीं कर पाते है, और अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते है।

ऐसा ही काम हमारे क्षेत्र के एक युवा माउंट ट्रेकिंग के शौकीन भाई सोमेश पँवार ने कर के दिखाया है। 


यात्राये तो सब करते है,पर सोमेश भाई के मन मे कुछ नया तरीका आया यात्रा के जरिये से अपने क्षेत्र के युवा को एक अच्छा संदेश दिया जिससे की वो अपने - अपने क्षेत्र मे आगे बड़े  सोमेश पँवार ने ग्रीन हिमालय और क्लीन हिमालय, नशा मुक्ति के तहत यह यात्रा की और वो भी साइकिल की मदद से बद्रीनाथ के अंतिम गाँव माणा से शुरू किया और कन्याकुमारी तक यात्रा करने के लिए निकल पड़े बद्रीनाथ मंदिर समिति के धर्माधिकारी ने उनकी इस  यात्रा को हरी झंडी दिखाई और पूजा अर्चना के माध्यम से यात्रा सुभारंभ किया ।






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